| 1. | जिला योजना की पृष्ठभूमि |
| 2. | जिला योजना के मुख्य उदेश्य |
| 3. | जिला योजना समिति |
| 4. | जिला योजना समिति के कार्य |
| 5. | योजना का कार्यान्वयन/अनुश्रवण एवं मूल्यांकन |
जिला योजना की पृष्ठभूमि
जिला योजना एक ऐसी योजना प्रणाली है जो राष्ट्र एवं राज्य योजना का प्रतिपूरक है तथा जिसके अन्तर्गत स्थानीय संसाधनों, क्षमताओं तथा समस्याओं का विस्तृत विश्लेषण एवं समीक्षा करने के उपरान्त विकास की रूप-रेखा इस
प्रकार तैयार की जाती है, जिससे विभिन्न विकास के कार्यक्रम एवं क्षेत्र विशेष की प्राथमिकताओं एवं आवश्यकताओं के अनुरूप कार्यान्वित किया जा सकें।
यह प्रणाली उपलब्ध स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग के द्वारा स्थानीय समस्याओं के निदान पर आधारित है।
जिला योजना के मुख्य उदेश्य
जिला योजना के मुख्य उदेश्यों को निम्न प्रकार से श्रेणीवद्व किया जा सकता है-:
(क) उत्पादक एवं उत्पादकता में वृध्दि
(ख) आधारभूत न्यूनतम् आवश्यकताएँ उपलब्ध कराना
(ग) जिले में व्याप्त क्षेत्रीय असंतुलन को दूर करना
(घ) स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप आधारभूत संरचनाएँ उपलब्ध कराना
(ड.) रोजगार का अवसर पैदा करना
(च) विकास से मिले लाभों का समान वितरण
(छ) जनसाधारण के निर्णय लेने में भागीदारी सुनिश्चित् करना
(ज) पर्यावरण के संतुलन को बनाये रखना
(झ) जिला योजना के द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के योजनाओं को समेकितिकरण में भी सहायता मिलती है तथा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के बीच विकास के असंतुलन को समाप्त किया जा सकता है।
जिला योजना समिति
झारखण्ड राज्य में त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था लागू होने के पश्चात् झारखण्ड पंचायत राज्य अधिनियम् 2001 की धारा-123 के अधीन पंचायतों तथा नगर निकायों द्वारा तैयार
की गयी कार्य योजनाओं को समेकित करने तथा सम्पूर्ण जिले के लिए विकास योजना का प्रारूप तैयार करने के लिए प्रत्येक जिला मं् एक जिला योजना समिति का गठन किया गया है।
जिला योजना समिति, राँची में सदस्यों की कूल संख्या-20 है।
जिला परिषद् के निर्वाचित सदस्यों में जिला योजना समिति के लिए 09 एवं नगर निगम, राँची के निर्वाचित सदस्यों में से 05 तथा नगर पंचायत, बुण्डू में निर्वाचित सदस्यों में से 01 सदस्य को जिला योजना समिति में
विधिवत् निर्वाचित कर जिला योजना समिति का गठन किया जाना है। राँची जिले में तदनुसार जिला योजना समिति का गठन कर लिया गया है। निर्वाचित सदस्यों का विवरण निम्नवत् है:-
| जिला परिषद् राँची से निर्वाचित सदस्यों का नाम | |
| क्र0सं0 | निर्वाचित सदस्य का नाम |
| 1. | मो0 आदिल अजीज,सदस्य जिला योजना समिति राँची |
| 2. | श्री दिनेश महली,सदस्य जिला योजना समिति राँची। |
| 3. | श्री धनंजय स्वांसी,सदस्य जिला योजना समिति,राँची। |
| 4. | श्रीमती पार्वती देवी,सदस्या जिला योजना समिति,राँची। |
| 5. | मो0 मजीद अंसारी,सदस्य जिला योजना समिति,राँची। |
| 6. | मो0 मसूद आलम,सदस्य जिला योजना समिति,राँची। |
| 7. | श्री सुशील कुमार महतो,सदस्य जिला योजना समिति,राँची। |
| 8. | श्रीमती सुषमा देवी,सदस्या जिला योजना समिति,राँची। |
| राँची नगर निगम,राँची से निर्वाचित सदस्यों का नाम | |
| क्र0सं0 | निर्वाचित सदस्य का नाम |
| 1. | श्री राजन वर्मा,सदस्य जिला योजना समिति,राँची। |
| 2. | श्री संजीव विजयवर्गीय,सदस्य जिला योजना समिति,राँची। |
| 3. | श्री अरविंद सिंह देवल,सदस्य जिला योजना समिति,राँची। |
| 4. | श्री नकुल तिर्की,सदस्य जिला योजना समिति,राँची। |
| 5. | श्री ओम प्रकाश,सदस्य जिला योजना समिति,राँची। |
| बुण्डू से निर्वाचित सदस्य का नाम | |
| क्र0सं0 | निर्वाचित सदस्य का नाम |
| 1. | श्रीमती राधा देवी,सदस्या जिला योजना समिति,राँची। |
जिला योजना समिति में लोकसभा एवं राज्य विधान सभा के वैसे सदस्य सदस्य,जिनका निर्वाचन क्षेत्र राँची जिला अन्तर्गत है,राज्य सभा के सदस्य जो जिला में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं एवं जिले में जिला परिषद् के
अध्यक्ष एवं नगर निकायों के अध्यक्ष/महापौर स्थायी विशेष आमंत्रित सदस्य हैं।
जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त, राँची जिला योजना समिति के सदस्य-सचिव, मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, जिला परिषद्, जिला योजना समिति के अपर सचिव एवं जिला योजना पदाधिकारी, जिला योजना समिति के पदेन
सदस्य हैं।
श्री सुदेश कुमार महतो, माननीय उप-मुख्यमंत्री, झारखण्ड, जिला योजना समिति, राँची के अध्यक्ष हैं। जिला योजना समिति, राँची की पहली बैठक 13 जून, 2012 को आहूत की गयी थी।
जिला योजना समिति के कार्य
1. राष्ट्र एवं राज्य के लक्ष्यों के दायरे के अन्तर्गत स्थानीय आवश्यकताओं एवं उदेश्यों का पहचान करना।
2. जिले के प्राकृतिक एवं मानव संसाधन के आंकड़ों का संग्रहन, संकलन एवं अद्यतिकरण करना ताकि एक मजबूत डाटाबेस बन सके तथा डाटाबेस के आंकड़ों का विश्लेषण कर राष्ट्र एवं राज्य के दीर्धकालीन लक्ष्यों को प्राप्त
करने के लिए आवश्यक स्थानीय आवश्यकताओं के पूर्ती के लिए विकेन्द्रीकृत सहभागी योजना निर्माण करना।
3. गांव, प्रखंड तथा जिला स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं का सूचीकरण तथा मानचित्रण।
4. जिले में उपलब्ध प्राकृतिक एवं मानव संसाधन का विवेकपूर्ण दोहन, उपयोग और विकास के लिए निति निर्धारण,कार्यक्रम एवं प्राथमिकता तय करना।
5. जिले के लिए पंचवर्षीय एवं वार्षिक योजना तैयार करना,पंचायत एवं नगर निकाय के द्वारा तैयार योजनाओं का समेकन एवं उसे राज्य सरकार को राज्य की योजना में सम्मिलित करने हेतु सौंपना।
6. जिले के लिए रोजगार तैयार करना।
7. जिला योजना के वित्त पोषण के लिए वितीय संसाधनों का आकलन करना एवं विभिन्न विभागों से प्राप्त राशि को ग्राम पंचायत/पंचायत समिति/जिला परिषद्/नगर निकाय को उनके जनसंख्या अनुपात में आवंटित करने हेतु
निदेश देगी।
8. समग्र जिला विकास योजना की रूप-रेखा के अन्तर्गत प्रक्षेत्रीय एवं उप-प्रक्षेत्रीय योजनाओं के लिए वितीय उपबंध करना।
9. जिले के अन्तर्गत केन्द्रीय प्रक्षेत्र की योजना, केन्द्र प्रायोजित योजना, राज्य प्रक्षेत्र की योजना, सांसद एवं विधायक मद् की स्थानीय क्षेत्र विकास योजनाओं का प्रबोधन, मूल्यांकन एवं समीक्षा करना।
10. जिला योजना अन्तर्गत योजनओं का प्रगति प्रतिवेदन राज्य सरकार को प्रेषित करना।
11. जिले के समग्र विकास की प्रक्रिया में गैर-सरकारी संगठनों की सहभागिता सुनिश्चित् करना।
12. सांस्थिक वित्त संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की पहचान तथा उन्हें जिला विकास योजना से जोड़ना तथा आवश्यक वित्त पोषण की व्यवस्था करना।
13. जिले के समग्र विकास की प्रक्रिया में राज्य प्रक्षेत्र की महत्वपूर्ण योजनाओं के संबंध में राज्य सरकार को परामर्श देना।
14. जिला योजना समिति विकास योजना का प्रारूप बनाने में निम्न बिन्दूओं को ध्यान में रखेगी।
(क) नगर निकायों एवं पंचायतों के परस्पर सामान्य महत्व के विषय,
(ख) क्षेत्रीय विशेषता के अनुरूप योजना निर्माण,
(ग) जल तथा अन्य भौतिक एवं प्राकृतिक संसाधनों का उचित बँटबारा,
(घ) आधारभूत संरचना का एकीकृत विकास तथा पर्यावरण संरक्षण,
(ड.) उपलब्ध संसाधन श्रोत चाहे वे वितीय हों, या अन्यथा की सीमा एवं प्रकार,
15. जिला योजना समिति विकास योजना में सहायक किसी संस्थान एवं संगठन से परामर्श प्राप्त कर सकेगी।
16. इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर सौंपे गए अन्य कार्यकलाप।
योजना का कार्यान्वयन/अनुश्रवण एवं मूल्यांकन
1. जिला योजना समिति के द्वारा स्वीकृत योजनाओं का कार्यान्वयन/अनुश्रवण एवं मूल्यांकन की जिम्मेवारी संबंधित ग्राम पंचायत/पंचायत समिति/जिला परिषद/नगर निकाय की होगी। साथ-ही, योजनाओं का अनुश्रवण एवं
मूल्यांकन राज्य सरकार के संबंधित विभाग के द्वारा भी की जा सकेगी।
2. तकनीकी समूह का गठन:- जिला योजना समिति में त्रि-स्तरीय पंचायत एवं नगर निकाय को सुदृढ़ करने एवं उन्हें जिले की विकास योजना से जोड़ने तथा पंचवर्षीय योजना एवं वार्षिक कार्य योजना के सूत्रण के लिए एक
तकनीकी समिति कार्यरत रहेगी। समिति के सदस्य निम्नवत् होगें:-
(क) जिला योजना पदाधिकारी - संयोजक
(ख) जिला पंचायत राज पदाधिकारी
(ग) जिला अभियंता, जिला परिषद्
(घ) नगर निवेशक (Town Planner)
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