| ग्रामीण क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्र में ए.पी.एल.,बी.पी.एल., अंत्योदय, अन्नपूर्णा, पी.डी.एस. एवं हॉकर्स का विवरण | |||||||
| प्रखण्ड का नाम | जनसंख्या 2001 | ए.पी.एल. | बी.पी.एल. | अंत्योदय | अन्नपूर्णा | कुल पी.डी.एस. | हॉकर्स |
| कांके | 126448 | 9330 | 10161 | 9043 | 1100 | 146 | 69 |
| मांडर | 98740 | 7523 | 5186 | 3850 | 680 | 78 | 21 |
| रातु | 126376 | 7104 | 10647 | 8026 | 690 | 101 | 29 |
| चान्हो | 83860 | 5411 | 5370 | 3986 | 360 | 81 | 10 |
| बुड़मू | 145064 | 12129 | 10082 | 6854 | 600 | 138 | 23 |
| बेड़ो | 131713 | 11398 | 6331 | 4700 | 860 | 93 | 31 |
| लापुंग | 53333 | 1948 | 4481 | 3327 | 440 | 51 | 12 |
| नामकुम | 114397 | 11105 | 4651 | 3670 | 630 | 56 | 8 |
| ओरमांझी | 76158 | 4435 | 5271 | 3873 | 613 | 71 | 13 |
| अनगड़ा | 103155 | 4006 | 9245 | 7164 | 790 | 89 | 5 |
| सिल्ली | 109402 | 11546 | 7088 | 3765 | 730 | 86 | 1 |
| बुण्डू | 72073 | 4990 | 7090 | 5362 | 640 | 82 | 5 |
| तमाड़ | 114115 | 7875 | 10430 | 7720 | 540 | 102 | 5 |
| सोनाहातु | 95411 | 3063 | 10143 | 7528 | 590 | 84 | 1 |
| कुल | 1450245 | 101863 | 106176 | 78618 | 9263 | 1258 | 233 |
| कुल अनुभाजन | 846454 | 161057 | 34709 | 24630 | 5200 | 503 | 217 |
| कुल योग | 2296699 | 262920 | 140885 | 103248 | 14463 | 1761 | 450 |
- अंत्योदय अन्न योजना(केन्द्र संचालित योजना)
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• यह योजना 2001 में चालू हुई। इस योजना का उद्देश्य वैसे बी.पी.एल.(लाल कार्डधारी) परिवार जो गरीबों में भी अत्यंत गरीब है, को लाभान्वित करना है। उदाहरण स्वरूप आदिम जन-जाति (विरहोर, मल्हार) शारीरिक रूप से विकलांग, निःसहाय परिवार या वैसे परिवार जिनके पास जीविकोपार्जन करने का कोई साधन नहीं है। इस योजना के अंतर्गत लाभुक को प्रतिमाह (दो) 02 –रू0 प्रति किलो गेहूँ एवं (तीन) 03-रू0 चावल कुल 35 किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराना था। लेकिन झारखंड सरकार ने उपभोक्ताओं को इस योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 35 किलोग्राम चावल 01- रू0 प्रति किलो की दर से विगत अप्रैल माह 2010 से उपलब्ध करा रही है।
- बी0पी0एल0 योजना(केन्द्र संचालित योजना)
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• यह योजना का शुभारंभ 1997-98 में हुआ। इस योजना के अंतर्गत वैसे बी.पी.एल. परिवार आते हैं, जिनका नाम बी.पी.एल. सूची में दर्ज है। इस योजना के लाभुकों को प्रति कार्ड प्रति माह 4.62 – रू0 गेहूँ एवं 6.15- रू0 चावल, कुल 35 किलोग्राम खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता था। लेकिन राज्य सरकार विगत अप्रैल 2010 से इस योजना के लाभुकों को भी प्रति माह 35 किलोग्राम चावल 01- रू0 प्रति किलो की दर से उपलब्ध करा रही है।
- ए0पी0एल0 योजना(केन्द्र संचालित योजना)
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• इस योजना में वे सभी परिवार सम्मिलित हैं, जो अंत्योदय अन्य योजना एवं ए0पी0एल0 योजना से वंचित हैं। इस योजना के कार्डधारियों को सरकार के द्वारा प्रति माह 7.50 किलोग्राम चावल एवं 7.50 किलोग्राम गेहूँ दिया जाता है। जिसका मूल्य प्रति किलोग्राम 8.72- रूपये एवं 6.46 – रूपये है।
- किरासन तेल(केन्द्र संचालित योजना)
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• जन वितरण प्रणाली दुकानदार के माध्यम से सरकार द्वारा संचालित तीनों योजनाओं को (अंत्योदय अन्न योजना, बी0पी0एल0 योजना एवं ए0पी0एल0 योजना) के कार्डधारियों को प्रति माह प्रति कार्ड 14.29- रूपये की दर से कम से कम 03 लीटर किरासन तेल दिया जाता है। किरासन तेल का आवंटन हाउस होल्ड की संख्या के आधार पर सरकार द्वारा दिया जाता है जबकि प्रखंड स्तर पर किरासन तेल का उपावंटन किया जाता है। किरासन तेल का आवंटन प्रायः थोड़ा बहुत घटता बढ़ता रहता है। इस योजना का लाभ कार्डधारियों को जन वितरण प्रणाली के दुकानदारों द्वारा पहुँचाया जाता है। ठेला भेण्डर के माध्यम से ठेला भेण्डर के द्वारा भी बाजार में किरासन तेल का वितरण किया जाता है। बाजार में जाकर कोई भी व्यक्ति एक बार में एक लीटर किरासन तेल प्राप्त कर सकता है। इसमें किसी भी प्रकार के कार्ड की जरूरत नहीं पड़ती है। बाजार में किरासन तेल 15.29 – रूपये प्रति लीटर की दर से बिक्री किया जाता है।
- भिलेज ग्रेन बैंक(केन्द्र संचालित योजना)
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• (ग्रामीण अन्न कोष योजना) इस योजना के अंतर्गत प्रखंड के दूरस्थ गांव जहां आने –जाने का साधन नगन्य हो और गरीबों की संख्या अधिक हो, में ग्रामीण अन्न कोष स्थापित कर ग्रामीणों को अन्न कोष में सरकार द्वारा 40 क्वींटल चावल मुफ्त में उपलब्ध कराया जाता है। ग्रामीण अन्न कोष बैंक की तरह ग्रामीणों को कर्ज के रूप में चावल उपलब्ध वापसी ग्रामीण अन्न कोष में करायेगा। इसके संचालन के लिए 40 लाभुकों की एक समिति होती है, जो इसका संचालन करती है।
- सूखा राहत योजना(राज्य योजना)
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• योजनाः इस योजना के अंतर्गत राज्य के सभी पंचायतों में 10 क्वींटल चावल मुफ्त वितरण हेतु उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना का उद्देश्य है कि राज्य में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु भूख से न हो। इस योजना के लाभुक को 10 किलोग्राम से 35 किलोग्राम चावल दिया जाता है। इस योजना को संचालित करने हेतु अंचल अधिकारियों के द्वारा पंचायत स्तर पर एक कमिटि का गठन किया गया है। कमिटि द्वारा निर्गत परमिट के आधार पर चिन्हित जन वितरण प्रणाली दुकानदार लाभुक को मुफ्त चावल उपलब्ध कराया जाता है। पंचायत में रखा चावल समाप्त होने के पूर्व दुकानदार को चावल का अगला किस्त उपलब्ध करा दिया जाता है।
- अतिरिक्त बी0पी0एल0 योजना((राज्य योजना)
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• इस योजना का शुभारंभ अक्टूबर 2010 में हुआ। इस योजना के अंतर्गत वैसे परिवार को शामिल करना है, जो अत्यंत ही गरीब हैं और बी0पी0एल0 योजना से वंचित रह गए हैं। इस योजना में प्रति बी0पी0एल0 परिवार 20 किलोग्राम चावल 01- रूपया की दर से प्रति माह उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत जून 2011 का चावल वितरित किया जा चुका है। पुनः दो माह का आवंटन प्राप्त हुआ है, जिसका चावल उठाव कर वितरित किया जाना है।
- मुख्यमंत्री दाल-भात योजना((राज्य योजना)
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• इस महत्वकांक्षी योजना का शुभारंभ 15 अगस्त 2011 को माननीय मुख्यमंत्री, श्री अर्जुन मुंडा एवं माननीय श्री मथुरा महतो खाद्य आपूर्ति विभाग द्वारा किया गया। इस योजना हेतु रांची अनुभाजन क्षेत्र में 07 (सात) स्थलों पर संचालकों द्वारा कार्य किया जा रहा है। पुनः सरकार से प्राप्त आदेश के अनुपालन में 02 अक्टूबर 2011 से 18 प्रखंडों एवं 03 (तीन) रांची अनुभाजन क्षेत्र में इच्छुक महिला स्वंय सहायता समूह द्वारा प्राप्त विशिष्टियों के आधार पर संचालकों के माध्यम से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले व्यक्तियों को दाल-भात 05 (पांच) रूपये में खिलाया जा रहा है, जो निम्न प्रकार हैः
क्र0 अनुभाजन क्षेत्र-प्रखंड लाभुकों की संख्या प्रतिदिन प्रति व्यक्ति चावल की मात्रा 1 अनुभाजन क्षेत्र 400 व्यक्ति 200 2 बुण्डू 300 व्यक्ति 200 3 अन्य 17 (सत्तरह) प्रखंड 200 व्यक्ति 200
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